मानव अनुभव दर्शन
अध्याय - दो
असंग्रह, स्नेह, विद्या, सरलता, अभय ही क्लेश से मुक्ति और हर्ष के लक्षण हैं । ये ही समाधान एवं समत्व के भी लक्षण हैं जिनके अस्तित्व की निरंतरता पायी जाती है ।